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Tuesday, 24 October 2017

Paap nahi hota


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✔ *पाप नहीं होता* ✔

➡ भजन, भक्ति में नियमों का
पालन न करने से कोई पाप
नहीं होता है, जिसका कोई
अलग से फल भोगना पड़ता हो

➡ भजन, भक्ति में अपराध होता है
अपराध के कारण भजन, भक्ति की
गति में बाधा या असंतोष होता है, जो कि
भजन से ही मार्जित या दुर् होता
जाता है, विशेषकर नामजप से ।

➡ नाम जप प्रारम्भ में योग्य बनाता है,
फिर साधन बनता है, फिर साध्य बन
जाता है । ये तीन अलग अलग नहीं,
नाम वही एक ही है, बचपन, जवानी
बुढापे जैसी स्थिति है ।

➡ अतः जैसे भी बन पड़े, भजन अंगों को
आज से ही शुरू कर दो, निष्ठा एवं
भाव पूर्वक लगे रहो । भजन के प्रभाव से
ही शुद्ध होता जाएगा, मार्ग मिलता
जाएगा । असंतोष या अपराध दुर् होते
जाएंगे ।

🖊 लेखक

दासाभास डा गिरिराज नांगिया

LBW - Lives Born Works at vrindabn

Thursday, 8 December 2016

Sukshm Sutra Part 30



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सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर

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 🔮 भाग 30 

💡 ​ब्राह्मण-क्षत्रिय- वैश्य -शूद्र
इन चार वर्णों की अपेक्षा आज के परिपेक्ष्य में
यह चार वर्गीकरण अधिक प्रासंगिक है
धर्मव्यवसायी : ​जो धर्म द्वारा धन अर्जन करें
कर्मव्यवसायी : जो व्यापर से धन अर्जन करें 
सेवाव्यवसायी : जो नौकरी से धन अर्जन करें 
क्योंकि हर किसी ने केवल धन अर्जन को ही 
इस जीवन का लक्ष्य बना लिया है जबकि 
जीवन का लक्ष्य है श्री कृष्ण प्रेम प्राप्ति या भक्ति 

💡 तीन बातों से कभी संतुष्ट न रहें -

१. अभ्यास से
२. परोपकार से 
३. भगवद भजन से 

तीन बातों से सदा संतुष्ट रहना चाहिए -

१. स्वंय की पत्नी से 
२. जितना भोजन विधाता ने दिया हो उस से और
३. जितना धन ईमानदारी से अर्जित किया हो 

💡 राजा को उसकी प्रजा के पाप लगते है 
इसलिए कोई पाप करें तो दंड का प्रवधान है 
राजा के पुजारी को राजा के पाप लगते है 
इसलिए पहले राजपुरोहित की आज्ञा के बिना 
रजा कोई काम नही करते थे|
पति को पत्नी के पाप लगते है 
इसलिए पुरुष को  चाहियें कि  स्वयं सदाचरण 
करे और पत्नी को भी पाप कर्म में न लगने दे.
और गुरु को शिष्य के पाप लगते है 
इसलिए श्रीमदभागवत में कहा हैं कि
गुरुओ को बहुत शिष्य नही बनाना.

 ॥ जय श्री राधे ॥ 
 ॥ जय निताई  ॥ 

 लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया 
LBW - Lives Born Works at vrindabn

Saturday, 27 August 2016

सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर भाग 26

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सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर



 भाग 26

 यदि आप कष्ट में हैं
तो सोचो पाप कट रहें हैं,
यदि आनंद में हैं तो सोचो
पूण्य घट रहे हैं इसलिए
जो घट रहा हैं अगले
जन्म के लिए उसका संचय
करना प्रारम्भ कर दो

Tuesday, 23 August 2016

सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर भाग 26


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सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर


 भाग 26

 पाप करने से दुःख और
पूण्य करने से सुख
मिलेगा. किन्तु भक्ति
करने से भक्ति मिलेगी
और अगले जन्म में
भक्ति की अगली कक्षा में
प्रवेश मिलेगा.

Saturday, 4 June 2016

नरक

✅  नरक   ✅ 

▶ नरक
▶ जाने से
▶ पाप कटते हैं

▶ कुसंग में
▶ जाने से
▶ पाप बढ़ते हैं

▶ अतः कुसंग
▶ से बचो !!

🐚 ॥ जय श्री राधे ॥ 🐚
🐚 ॥ जय निताई  ॥ 🐚

Tuesday, 2 October 2012

254. tumhare PAAP KA FAL



तुम्हारे पाप का फल है ये !

एक व्यक्ति का मकान अचानक चकनाचूर हो गया
वह दुबारा मकान बनाने की स्थिति में नहीं था, अतः झल्लाकर
धर्माचार्यों के पास गया और कहा कि-

आप भगवान् के अति निकट हैं, आप भगवान् से
प्रार्थना करके मेरा मकान दुबारा बनवा दीजिये

धर्माचार्यों ने भगवान् से बात की, और असलियत का पता लगाया
और उस बन्दे को बताया कि -

तुम पिछले जन्म में एक बिल्डर थे, तुमने बहुतों को बेघर किया था
तुम्हे उस पाप कि सज़ा मिली है, और अब तुम्हे भी पूरे जीवन
इधर-उधर भटकना होगा, अब तुम्हारे भाग्य में मकान नहीं है

वह बन्दा झल्ला गया, बोला में पिछले जन्म को नहीं मानता हूँ
धर्माचार्यों ने कहा, ठीक है, तो भगवान् को भी मत मानो
पिछ्ला जन्म, भगवान्, धर्म, शास्त्र, कर्म, पाप, पुण्य आदि यह पूरा package है
मानो तो पूरा, न मानो तो पूरा मत मानो,

नहीं मानते तो फिर तुम्हारा मकान गिरा, 
तुम जानो, इससे धर्म का , भगवान् का क्या मतलब ???
JAI SHRI RADHE
DASABHAS Dr GIRIRAJ NANGIA