*दृष्टि और सृष्टि*
☺जब हमारी दृष्टि कमजोर हो जाती है तब हमें सारी चीजें धुंधली दिखाई देने लगती हैं
😊क्या वास्तव म चीजें *धुंधली* होती हैं । नही न । बस एक चश्मा लगाते ही सब धुंधलापन समाप्त हो जाता है ।
😢इसी प्रकार इस संसार के प्रति जब हमारी *दृष्टि* दोषपूर्ण हो जाती है तो इस संसार में । संसार की वस्तुओं में हमे दोष । दुःख दिखाई देने लगता है
👍वस्तु में न तो *सुख* है । न *दुःख* है । ये दोष या *गुण* हमारी दृष्टि में है । यदि वस्तु अच्छी या बुरी होती तो वो साड़ी जो आपको अच्छी लगी और आप खरीद कर ले आये । वह साड़ी अनेक लोगों द्वारा *रिजेक्ट* की जा चुकी होती है ।






