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Monday, 31 October 2011

129. gyani bhakt


ज्ञानी 
मिश्री की उपासना करके 
मिश्री बनना चाहता है

भक्त 
मिश्री की उपासना करके 
मिश्री का रस आस्वादन करता है

Tuesday, 18 October 2011

114. कौन क्या चाहता है ?





योगी - 
आत्म स्वरूप का दर्शन 

कर्मी 
स्वर्ग

ज्ञानी - 
ब्रह्म में मिलना 

भक्त - 
प्रभु की सेवा 

jay shri radhe


Friday, 7 October 2011

100. bhakt 4 prakaar ke

✅  भक्त चार प्रकार के ✅  

१. आर्त
▶ जो अपने दुखों से छुटकारा पाने के लिए भक्ति  करते हैं

२. जिज्ञासु
▶ जो कृष्ण को  जानने के लिए या केवल जानकारी के लिए भक्ति  करते हैं

३. अर्थार्थी
▶ जो अर्थ, यश, पुत्र,व्यापार=किसी लौकिक कामना के लिए भक्ति करते हैं

४. ज्ञानी
▶ जो कृष्ण की प्रीती, उनको सुख, उनकी अनुकूलता मयी सेवा या ये कहिये की भक्ति के लिए
भक्ति करते हैं, न कोई कामना, न दुःख की निवृत्ती - ये विशुद्ध भक्त हैं

▶ अनपढ़ा से ४ क्लास पढ़ा हो,ना अच्छा है,- अभक्त से कोई भी भक्त होना अच्छा है
▶ लेकिन क्लास आगे और भी हैं, चलते रहिये



 🖊 लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया  
LBW - Lives Born Works at vrindabn

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