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Thursday, 30 June 2016

किसकी मानें

 किसकी मानें

✅    किसकी मानें   ✅

▶ किसी भी विषय को समझने या जानने के लिए हमारे पास मुख्य रूप से तीन साधन है

▶ पहला है *शास्त्र*
▶ दूसरे हैं *संत*
▶ तीसरे हैं *श्री गुरुदेव*

▶ लेकिन समय के प्रभाव से इन तीनों ही विधाओं की असलियत वास्तविकता एवं विश्वसनीयता संदेहास्पद है

▶ सर्वप्रथम *शास्त्र* को लेते हैं ।
▶ पहले कोई विरले अनुभव प्राप्त विद्वान या संत ही ग्रंथ लिखते थे और अपने अनेक में से
 ▶ किसी एक अधिकारी शिष्य को उसकी प्रतिलिपि कर के देते थे

Thursday, 16 June 2016

सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर भाग 6

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सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर
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 🔮 भाग 6

💡 भक्त की संगति
करने वाला व्यक्ति
यदि भक्ति के रंग में न रंगे
तो मानना चाहिए
भक्त की भक्ति कच्ची है.

💡 किसी वैष्णव में श्रीगुरुदेव के
संग से यदि श्रीकृष्ण भक्ति का
उदय नही हो रहा है तो
गुरु या शिष्य दोनों में से
एक की पात्रता में कमी है,
ऐसा समझना पड़ेगा.
   
💡 बाह्य शुद्धि स्नान से होती है और
अन्तः शुद्धि होती है –
भगवद भजन से, संकीर्तन से
ध्यान से, चिन्तन से, मनन से,
सत्शास्त्र अध्यन और सत्संग से.

🐚 ॥ जय श्री राधे ॥ 🐚
🐚 ॥ जय निताई  ॥ 🐚


🖊  लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया 
LBW - Lives Born Works at vrindabn

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सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर भाग 6