✔ *साधक साधना साध्य
तीनो चाहिए* ✔
▶ साधक हैं हम जीव और
साध्य हैं भगवान ब्रजेंद्र नंदन के श्री चरणों की सेवा या प्रिया प्रियतम का सुख और
साधन है भक्ति । भक्ति यानी भजन । भजन यानि अनुकूलता पूर्वक श्रीकृष्ण की सेवा ।
▶ कृष्ण की सेवा या कृष्ण हमारे साध्य हैं ।और राधारानी आश्रय तत्व है । मालिक हैं श्रीकृष्ण की ।
▶ जैसे किसी मकान का कोई एक मालिक होता है मकान को प्राप्त करना है तो मालिक से सौदा कर के मालिक को पैसा दे के मालिक से चाबी प्राप्त करनी होती है ।
