Showing posts with label सुर संगीत रहित कीर्तन. Show all posts
Showing posts with label सुर संगीत रहित कीर्तन. Show all posts

Saturday, 11 June 2016

भजनानंद या विषयानंद


 भजनानंद या विषयानंद  
 
 एक है आत्मानंद या भजनानंद
 दूसरा है विषयानंद
 
 बाह्य में दोनों एक से हैं 
 लेकिन अंतर है
 
 आजकल भजन । कथा । कीर्तन भी विषयानंद के लिए किये जा रहे हैं
 
 सुर संगीत रहित कीर्तन यदि हों तो हम नही जाते । कोई संगीत प्रधान अच्छे सुर म गा गया कर कथा कहे तो भागते हैं । 
 
 कथा का रस संगीत की अपेक्षा नही रखता । विषय का रस गीत संगीत स्वर की आकर्षण देखता है
 
 किसी की आलोचना नही । ये शास्त्रीय बात है । सूक्ष्म है । चिंतन करो तो समझ म आती ह ।
 
 ये अंतर विग्रह सेवा । भजन । आदि समस्त भक्ति अंगों पर लागू है
 
🐚 जय श्री राधे 🐚

🐚 जय निताई  🐚

 🖊  लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया 
LBW - Lives Born Works at vrindabn


💻 अधिकृत फेसबुक पेज : https://www.facebook.com/ShriHarinamPress

💻 अधिकृत ब्लॉग : http://www.shriharinam.blogspot.in

🖥 वेबसाइट : http://harinampress.com/

📽यूट्यूब चैनल  : https://www.youtube.com/channel/UCP1O_g-hYWlSJVkRiko0qwQ

🎤 वौइस् नोट्स : http://YourListen.com/Dasabhas