Showing posts with label ग्रन्थ. Show all posts
Showing posts with label ग्रन्थ. Show all posts

Tuesday, 7 June 2016

Braj Bhakti Sahitya Series 1

श्री राधे🙏🏻

🍃🍂🍃 शुभ सूचना🍃🍂
🍃
🔲 श्री हरिनाम प्रेस, वृंदावन 🔲

💠 की वाटिका के दो पुष्प

🌹 ब्रज की खिचड़ी

और

🌹 ब्रज की खीर

की📗 E-Book ( मोबाइल और कंप्यूटर पर पढ़ने योग्य फॉर्मेट में ) अब उपलब्ध है।

💠 अधिक जानकारी के लिए संलग्न चित्र को देखें।

🐚॥ जय श्री राधे ॥



Sunday, 9 October 2011

109. सदग्रंथ-संग = सत्संग



सदग्रंथ-संग = सत्संग


सत व्यक्तियों=संत का संग 
सत कार्यो का संग
सत ग्रंथो का संग 
ये तीनो ही सत्संग हैं

एक तो सच्चे संत बहुत कम है, फिर उनमे हमें दोष दिखाई देने लग जाते हैं
संत के वेश में ठग भी बहुत हैं

सत कार्यो के लिए सत-विचार चाहिए
सत विचार मिलेंगे सद्ग्रंथो में अतः सर्वोत्तम है सदग्रंथ 
जिनमे न दोष है न ठगे जाने का भय 

हाँ ग्रन्थ भी प्रामाणिक हों, अपनी प्रशंशा में प्रकाशित उल-जुलूल 
ग्रन्थ पढने से बुद्धि भ्रमित होती है सद्ग्रंथो के पढने से सत्संग प्राप्त होगा
विवेक जागृत होगा और आगे का मार्ग हमेशा के लिए खुल जाएगा.

JAI SHRI RADHE

DASABHAS Dr GIRIRAJ nangia
made to serve ; GOD  thru  Family  n  Humanity
Lives, Born, Works = L B W at Vrindaban