Showing posts with label कृष्ण प्रीति. Show all posts
Showing posts with label कृष्ण प्रीति. Show all posts

Wednesday, 7 December 2011

158. UPAASANAA

उपासना 

उपासना सकाम हो या श्री कृष्ण प्रीति के लिए की गयी हो
सदैव वर्तमान से श्रेष्ठता की और अग्रसर होने 
के लिए की जाती है

श्रेष्ठता की और अग्रसर होने से वर्तमान की 
कम श्रेष्ठता या निकृष्टता  से भी सहज मुक्ति मिल जाती है 

JAI SHRI RADHE

DASABHAS Dr GIRIRAJ nangia
made to serve ; GOD  thru  Family  n  Humanity