Saturday, 13 August 2016

अपना ध्यान रखिये

अपना ध्यान राखिये
आप या हम
जब बीमार पड़ते हैं ।
तो हमे जितना कष्ट होता है  ।
उससे अनेक गुना कष्ट
हमारे आस पास के परिवारी
जनों को होता ह ।
हमारे कारण किसी को
कष्ट न हो । यह भावना रखते
हुए सदा ही चेष्टा सहित अपने
शरीर का ध्यान रखें । लापरवाही न करें ।
 समय पर दवा
एवम् भोजन का ध्यान रखें ।
इसमें भावना दूसरों के कष्ट की ।
अपनी सुंदरता या
बुड्ढे होने का भय नही ।
शरीरमाद्यम् खलु धर्म साधनम्
शरीर से ही भजन होता है ।
और आप ध्यान से नओट करें
की सबसे पहले कुछ  छूटता है तो भजन ।

अतः भजन के लिए
एवम् दूसरों को कष्ट न हो ।
ये भावना रखते हुए सदा अपने
को स्वस्थ रखें
अपना ध्यान राखिये


आशंका

✔   *आशंका*   ✔

▶ 100 में से 98 घटित ही नही होती

▶ कभी कभी क्या प्रायः आशंका का
ही दुःख होता है

▶ वास्तविक दुःख होता ही नही

▶ आशंका मुक्त होने पर ही सुख की
अनुभूति सी प्रतीत होती ह

▶ ये सब हमारे कपट । भय के कारण अनावश्यक चिंतन ही है

▶ सदा आशंका से रहित होने का
अभ्यास करना चाहिए

▶ कष्ट हो । तब दुखी हों तो बात जमती है ।
कष्ट की आशंका करके दुखी
होते रहना कोई समझदारी नही है

🐚 ॥ जय श्री राधे ॥ 🐚
🐚 ॥ जय निताई  ॥ 🐚

🖊 लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया
LBW - Lives Born Works at vrindabn


http://shriharinam.blogspot.in/2016/08/ashanka.html

धन्यवाद!!
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आशंका

Thursday, 11 August 2016

ग्रन्थ परिचय : श्रीगीत गोविन्द


   ग्रन्थ परिचय   1⃣6⃣   

 ग्रन्थ  नाम : श्रीगीत गोविन्द
 लेखक : अदि कवि श्रीजयदेव जी
 भाषा : संस्कृत-हिंदी अनुवाद
टीका। ब्रजविभूति श्रीश्यामदास

 साइज़ : 14 x 22   सेमी
 पृष्ठ  : 152 सॉफ्ट बाउंड
 मूल्य : 100 रूपये

 विषय वस्तु :
श्रीप्रियाप्रियतम की लीलाओं का वर्णन
साथ में श्रीबिल्वमंगल विरचित श्रीकृष्ण
कर्णामृत एवं श्रीगोविन्ददामोदरस्त्रोत

कोड : M016- Ed2

 प्राप्ति स्थान ।
1⃣ खण्डेलवाल बुक स्टोर वृन्दाबन
2⃣ हरिनाम प्रेस वृन्दाबन
3⃣ रामा स्टोर्स, लोई बाजार पोस्ट ऑफिस
 डाक द्वारा । 09068021415
पोस्टेज फ्री


दोनों हाथ में लडडू

​✔  *दोनों हाथ में लडडू*  ✔

➡ आपके पति यदि अनन्यता पूर्वक भजन में लगे हैं और किसी वैष्णव की शरणागत है
और आप स्वंय अर्थोपाय करके अपने परिवार का पालन कर रही है तो आपका पीटीआई के प्रति उपेक्षा या निकम्मे का भाव नही होना चाहिए।

➡ क्योकि प्रकट में तो आप ही सब घर चला रही है । लेकिन पर्दे के पीछे से भगवान अपने वचन 'योगक्षेम व्हाम्यहम' को सत्य करते हुए सदैव आप के साथ है।

➡ इससे दोहरा फायदा है - एक तो आपकी अर्थोपाय योग्यता के कारण आपके पति भजन में लग कर जीवन सफल कर रहे - कही न कही कारण आप। दूसरे आपके पति के स्थान पर जगतपति 'श्रीकृष्ण' आपके साथ हैं। आपका जीवन धन्य है। आपके तो दोनों हाथ मीठी लड्डू है। 
वाह! जय हो!!

🐚 ॥ जय श्री राधे ॥ 🐚
🐚 ॥  जय निताई ॥ 🐚

🖊 लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया
LBW - Lives Born Works at vrindabn

दोनों हाथ में लडडू

Sunday, 7 August 2016

शुद्ध को अशुद्ध क्यों करते हो

✔   *शुद्ध को अशुद्ध क्यों करते हो*   ✔
 यदि आप जो क्रिया कर रहे हो
करने से पहले यह सोच कर करते हो
कि इससे मेरे प्रभु प्रसन्न होंगे। मैं प्रभु की प्रसन्नअपने यश, मनोरंजन, प्रतिष्ठा,  धन आदि के लिए नहीं कर रहा हूं तो निश्चित है कि आप भक्ति कर रहे हैं। भक्ति यानी भगवद सुख के लिए किया जाने वाला कार्य।
 और यदि यह सोचकर कर रहे हैं तो उसे 'श्री राधारमणाय समर्पणम'  लिखने की आवश्यकता नही है। वह तो पहले से ही श्रीराधारमण के सुख की मानसिकता से किया जा रहा है।
✴ यदि फिर भी आप लिखते है तो  या अज्ञान है, या  फिर मन में यश, प्रतिष्ठा की कामना से प्रारम्भ किया गया था। अब पूर्ण होने पर उसका फल आपने राधारमण जु को समर्पित कर दिया। फल सदैव कर्म का होता है। भक्ति का फल भक्ति है । अतः ये क्रिया कर्म हो गयी। भक्ति नही।
▶ फिर भो ऐसी भक्ति को यदि नाम दिया भी जाए तो 'कर्मार्पण भक्ति' है। मुख्य कर्मार्पण है।भक्ति इसलिए की मात्र श्री राधारमण की स्मृति हो रही है।
ध्यान दीजिए- कर्मार्पण में कर्म करने का अहम और उसे समर्पण करने का अहम भी सूक्ष्मरूप में छिपा है।
▶अंतः चिन्तन कीजिये...
 ॥ जय श्री राधे ॥ 
 ॥ जय निताई  ॥ 
 लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया
LBW - Lives Born Works at vrindabn

Saturday, 6 August 2016

ग्रन्थ परिचय - श्रीआनन्दवृन्दावनचम्पू

📖   ग्रन्थ  परिचय   1⃣5⃣      📖

💢 ग्रंथ  नाम : श्रीआनन्दवृन्दावनचम्पू

💢 लेखक : श्रील कवि कर्णपुर गोस्वामी


💢 भाषा : हिंदी। ब्रजविभूति श्रीश्यामदास
💢 साइज़ : 14 x 22   सेमी
💢 पष्ठ  : 456 सॉफ्ट बाउंड
💢 मल्य : 250 रूपये

💢 विषय वस्तु :
श्रीकृष्ण लीला एवं ब्रजलीलाओं का
आनन्ददायक अदभुत दर्शन

💢 कोड : M015- Ed1


💢 प्राप्ति स्थान
1⃣ खण्डेलवाल बुक स्टोर वृन्दाबन
2⃣ हरिनाम प्रेस वृन्दाबन
3⃣ रामा स्टोर्स, लोई बाजार पोस्ट ऑफिस

📬 डाक द्वारा । 09068021415
पोस्टेज फ्री

श्रीआनन्दवृन्दावनचम्पू
श्रीआनन्दवृन्दावनचम्पू