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Wednesday, 30 November 2016

ग्रन्थ परिचय : श्रीब्रह्म सहिंता

​​📖 ग्रन्थ    परिचय 5⃣ 7⃣   📖
💢 ग्रन्थ   नाम : श्रीब्रह्म सहिंता
💢 लेखक  : श्रीब्रह्मा जी
💢 भाषा : संस्कृत-हिंदी अनुवाद-टीका
💢 साइज़ : 14 x 22 सेमी💢 पृष्ठ     : 76 सॉफ्ट    बाउंड
💢 मूल्य    : 30  रूपये
💢 विषय वस्तु :
      सृष्टि के आरम्भ में ब्रह्मा जी द्वारा
      गोलोकस्थ भगवान श्रीगोविन्द
      की विपुल स्तुति  
💢 कोड : M057-Ed2
💢 प्राप्ति    स्थान:
1⃣ खण्डेलवाल बुक स्टोर वृन्दाबन
2⃣ हरिनाम प्रेस वृन्दाबन
3⃣ रामा स्टोर्स, लोई बाजार पोस्ट ऑफिस
📬 डाक द्वारा । 09068021415
पोस्टेज फ्री

📗🔸📘🔹📙🔶📔


Wednesday, 9 May 2012

208. granth, vigrah, sant



ग्रन्थ : श्री विग्रह : संत - मेरे तीन स्वरूप 

तीनों ही मेरे स्वरूप हैं इन तीनों में मेरा आविर्भाव है 
१ ग्रन्थ - शास्त्र 
२ श्री विग्रह मूर्ति 
३ संत 

मेरा  अपराधी बच सकता है पर मेरे भक्त का अपराधी नहीं बचेगा |
मेरे भक्तअम्बरीश का अपराध करने पर दुर्वाषा तीनों लोकों मैं भागते रहे 
अन्ततः अम्बरीश से अपराध क्षमा करने पहुंचे तो परम भक्त परम दैन्य 
अम्बरीश ने  ही उन्हें निर्भय किया और कहा की आपने तो मरे प्रति अपराध किया ही नहीं |

संत और भक्त भी वास्तविक हो 
भक्ति का मुख्य लक्षण है - दैन्य या दीनता 

JAI SHRI RADHE
DASABHAS Dr GIRIRAJ nangia

granth, vigrah, sant