कैसे कैसे लोग ?
दिल्ली से आज मेरे एक रिश्तेदार का प्रात: ९ बजे फोन आया की मंदिर
दर्शन कितने बजे मिलेंगे मैं आज वृन्दावन आ रहा हूँ
मैंने बताया बारह सबा बारह तक |
साथ ही कहा की आप कृपाकर जरुर घर भी पधारिये
बोले - देखो ! समय मिला तो आयेगे |
मैंने कहा - कष्ट हो तो अलग बात है, अन्यथा अवश्य आइये |