अंडे का फंडा
मुर्गा एवं मुर्गी या नर एवं मादा के सहवास
से अंडा अस्तित्व में आता है : आधार कारण-सहवास
मुर्गे या नर का "वीर्य" एवं मादा या मुर्गी का "रज"
ही अंडे का रूप धारण करता है
मल और मूत्र से भी घृणित और त्याज्य है वीर्य और रज
मुर्गी यदि अंडे को सेकने लगे तो
इसमें से एक जीव मुर्गा या मुर्गी पैदा हो सकता है
जरा सोचिये! एक जीव की जन्म से पूर्व हत्या करते हुए
वीर्य और रज जैसी घृणित वस्तुखाने की ऐसी कौन सी आफत है?
जबकि सृष्टिकर्ता ने हजारों की संख्या में
अन्य खाद्य - सामग्रियों की सृष्टि हमारे भोजन एवं जिहवा के
स्वाद के लिए की है l
JAI SHRI RADHE





