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Thursday, 30 June 2016

सूक्ष्म सूत्र गागर में सागर भाग 14

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सूक्ष्म सूत्र / गागर में सागर
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 🔮 भाग 14

💡 भगवान कृष्ण के सखा
चार प्रकार के हैं
सुहृद-
श्री कृष्ण से उम्र में थोड़े बड़े,
इनमें श्री कृष्ण के प्रति वात्सल्य
भाव रहता है
सखा- उम्र में छोटे,
इनमे दास्य भाव रहता है
प्रिय सखा- उम्र में बराबर, साख्य भाव
प्रियनर्म- श्रृंगार रस की लीलाओ में सहयोगी

💡 भगवान श्री कृष्ण के
चार प्रकार के सखाओं के नाम
सुहृद-
सुभद्र, मण्डलीभद्र, बलभद्र आदि
सखा-
विशाल, ऋषभ, देवप्रस्थ आदि
प्रिय सखा-
श्रीदामा, सुदाम, वसुदाम आदि
प्रियनर्म-
सुबल, सुमंगल, अर्जुन आदि

💡 किसी व्यक्ति की मृत्यु के
पश्चात सभी लोग उसकी
प्रशंसा करते हैं.
उसके गुण ही वह देखते हैं
अवगुणों की कोई चर्चा नहीं करता.
काश! इंसान की यह दोष देखने
की दृष्टि सदा के लिए समाप्त
हो जाए तो फिर कहना ही क्या!

🐚 ॥ जय श्री राधे ॥ 🐚
🐚 ॥ जय निताई  ॥ 🐚


🖊  लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया
LBW - Lives Born Works at vrindabn

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