Wednesday, 31 May 2017

Madhurya Kadmbini Part 41

✴️माधुर्य कादम्बिनी कथा ✴️

भाग  4️⃣1️⃣



🎙  स्वर: दासाभास डा गिरिराज

🏚वृन्दावन धाम

🙇🏼 प्रस्तुति : अनंत हरिदास

http://yourlisten.com/Dasabhas/madhurya-41


Granth Prichqy : Mahat Kripa Tatv

​​​​​​​ ग्रन्थ परिचय 4⃣5⃣ 

 ग्रन्थ नाम : महत कृपा तत्व 
 लेखक : श्रीगणेश दास चुघ 
भाषा : हिंदी 
 साइज़ : 12 x 18 सेमी
 पृष्ठ : 38 सॉफ्ट बाउंड
 मूल्य : 5 रूपये

दूसरे के दुख में दुखी

दूसरे के दुख में दुखी

✔  *दूसरे के दुख में दुखी*    ✔

▶ यह बड़ा अजीब सा टॉपिक है । अधिकतर हम लोग अपने सुख में सुखी और अपने दुख में दुखी रहते हैं

▶ सामने वाले की कुछ भी परवाह नहीं करते हैं अपितु चाहते यह है कि सामने वाला भी हमारे हिसाब से चले

▶ एक बात है कि सामने वाले को सुख देने से  हमें दुख हो तब तो फिर भी हमें कुछ अड़चन हो सकती है

▶ लेकिन यदि सामने वाले को सुख देने से हमें कुछ भी दुख नहीं हो रहा तो हमें चाहिए कि हम उसके सुख का ध्यान रखें

▶ उस के सुख से तात्पर्य उस की
भावनाओं का
उसके विचारों का
उसके भोजन का
उसकी जीवन शैली का
उसकी सोच का
आदि आदि

▶ कुल मिलाकर उसके सुख का हम यदि ध्यान रखें तो हम आनंद में रहेंगे

▶ श्री कृष्ण के परिकर बृजवासी गणों में यही एक सर्व दुर्लभ गुण था कि वह श्रीकृष्ण के सुख में सुखी थे इसको हम कहते हैं तत्सुखसुखित्व ।

▶ इसका अभ्यास हमें संसार से ही करना पड़ेगा नहीं तो कृष्ण के सामने आने पर भी हम

▶ अपने सुख ।
अपनी कामनाएं ।
अपनी सुविधा ।
अपनी ईगो की ही बात करते हैं

▶ आप हम विचार करें कि कृष्ण सुख सुखित्व ही सर्वोपरि एवं सर्वश्रेष्ठ भक्ति है

▶ इसी प्रकार अभ्यास करते हुए जीवन में हम यदि दूसरे के सुख का दूसरे के विचार का दूसरे की भावनाओं का आदर करने का धीरे धीरे अभ्यास करें

▶ यद्यपि यह एक बहुत कठिन कार्य है । बहुत मुश्किल भी है लेकिन असंभव नहीं है । एक समय आएगा की पत्नी पति के सुख का ध्यान रखेगी और पति पत्नी के सुख का ध्यान रखेगा

▶ बात वहीं आ गई अब पत्नी अपने सुख का पत्नी पति अपने सुख का ध्यान रखता है और इसमें खींचातानी होती है

▶ तत् सुख सुखित्व में कोई खिंचा तानी नहीं होगी । सम्मान होगा । आदर होगा । आनंद होगा और इस अभ्यास के कारण हम भजन में भी तत् सुख सुखित्व  को ला पाएंगे और कृष्ण की चरण सेवा प्राप्त कर पाएंगे

🐚 ॥ जय श्री राधे ॥ 🐚
🐚 ॥ जय निताई  ॥ 🐚

 🖊 लेखक
दासाभास डा गिरिराज नांगिया
LBW - Lives Born Works at vrindabn

Tuesday, 30 May 2017

Madhurya Kadmbini Part 40

✴️माधुर्य कादम्बिनी कथा ✴️

भाग  4️⃣0️⃣


Granth Prichay : Shri Narottam Prarthna

​​​​​​📖 ग्रन्थ परिचय 4⃣4⃣ 📖

💢 ग्रन्थ  नाम : नरोत्तम प्रार्थना
💢 लेखक  : श्रीनारोत्तम  ठाकुर महाशय
💢भाषा : संस्कृत-मूल- हिंदी | ब्रजविभूति श्रीश्यामदास
💢 साइज़ : 14 x 22  सेमी
💢 पृष्ठ  : 32  सॉफ्ट  बाउंड
💢 मूल्य : 30  रूपये

💢 विषय वस्तु :
    करुण  प्रार्थना  वैष्णवों के प्राण

💢 कोड : M044-Ed3
💢 प्राप्ति स्थान:

1⃣ खण्डेलवाल बुक स्टोर वृन्दाबन
2⃣ हरिनाम प्रेस वृन्दाबन
3⃣ रामा स्टोर्स, लोई बाजार पोस्ट ऑफिस

📬 डाक द्वारा । 09068021415
पोस्टेज फ्री

📗🔸📘🔹📙🔶📔


Monday, 29 May 2017

Madhurya Kadmbini Part 39

✴️माधुर्य कादम्बिनी कथा ✴️

भाग  3️⃣9️⃣


🎙  स्वर: दासाभास डा गिरिराज

🏚वृन्दावन धाम

🙇🏼 प्रस्तुति : अनंत हरिदास

http://yourlisten.com/Dasabhas/madhurya-39#


Granth Prichay: Brijlila ke 108 Prnam

📖 ग्रन्थ परिचय4⃣​3⃣ 📖

💢 ग्रन्थ  नाम : ब्रज लीला के  प्रणाम-श्रीकृष्णलीलास्त्व  
💢 लेखक  : श्रीसनातन गोस्वामी
💢भाषा : संस्कृत-मूल- हिंदी | ब्रजविभूति श्रीश्यामदास
💢 साइज़ : 14 x 22  सेमी
💢 पृष्ठ  : 160  सॉफ्ट  बाउंड
💢 मूल्य : 100  रूपये

💢 विषय वस्तु :
    108 प्रणामयुक्त दशम चरित और
     साथ में श्रीराधागोविन्द विरचित
     ग्रन्थ- जीवतत्व  : मैं कौन हु ?

💢 कोड : M043-Ed3
💢 प्राप्ति स्थान:

1⃣ खण्डेलवाल बुक स्टोर वृन्दाबन
2⃣ हरिनाम प्रेस वृन्दाबन
3⃣ रामा स्टोर्स, लोई बाजार पोस्ट ऑफिस

📬 डाक द्वारा । 09068021415
पोस्टेज फ्री

📗🔸📘🔹📙🔶📔

Brijlila ke 108 Prnam