✔ *अर्थ और अनर्थ* ✔
▶ धर्म अर्थ काम मोक्ष
यह चार मनुष्य के पुरुषार्थ हैं । पुरुषार्थ माने इन चारों को अथवा चार में से किसी एक को प्राप्त करने के लिए पुरुष का, जन्म हुआ है ।
▶ यह लौकिक हैं इसके अतिरिक्त एक गुप्त एवं गोपनीय पुरुषार्थ भी है जिसे कहते हैं पंचम पुरुषार्थ प्रेम । अर्थात भगवान से प्रेम, भगवान के चरणों की सेवा ।
▶ आज अर्थ की बात करते हैं
▶ मेहनत, ईमानदारी एवं नीति पूर्ण कार्यों से अपनी आवश्यकता के अनुसार धन कमाना ही अर्थ है ।
▶ धर्म अर्थ काम मोक्ष
यह चार मनुष्य के पुरुषार्थ हैं । पुरुषार्थ माने इन चारों को अथवा चार में से किसी एक को प्राप्त करने के लिए पुरुष का, जन्म हुआ है ।
▶ यह लौकिक हैं इसके अतिरिक्त एक गुप्त एवं गोपनीय पुरुषार्थ भी है जिसे कहते हैं पंचम पुरुषार्थ प्रेम । अर्थात भगवान से प्रेम, भगवान के चरणों की सेवा ।
▶ आज अर्थ की बात करते हैं
▶ मेहनत, ईमानदारी एवं नीति पूर्ण कार्यों से अपनी आवश्यकता के अनुसार धन कमाना ही अर्थ है ।