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Wednesday, 8 March 2017

Mahima Bina Shrddha Asmabhav

Mahima Bina Shrddha Asmabhav


​ ✔  *महिमा के बिना श्रद्धा असंभव*    ✔

▶ किसी भी व्यक्ति वस्तु की जब तक हमें महिमा का ज्ञान ना हो तब तक हम उसे सामान्य रुप में लेते हैं ।

और किसी ने कहा इनको नमस्ते करो तो हम नमस्ते कर देते हैं । लेकिन जब हमें पता चलता है कि यह कोई

▶ अच्छा संत है या
कोई राजनेता है या
हमारी कॉलोनी का चेयरमैन है या
हमारे पिताजी का मित्र है या
यह एक सज्जन व्यक्ति है