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Wednesday, 24 May 2017

Mool Sharavan Sheli


👂 मूल श्रवण शैली 👂

परिप्रश्नेन सेवया । अर्थात प्रश्न करके जिज्ञासा करके । पूछकर भी साधु की सेवा होती है ।

🚶धर्म के विषय में ।
🚶अध्यात्म के विषय में ।
🚶भजन के विषय में ।
🚶भजन के अंगों के विषय में ।

अपने से श्रेष्ठ सजातीय वैष्णव से अपने परम कल्याण के विषय में प्रश्न पूछना भी एक साधुसेवा ही है ।

🍎तंबू या पंडाल लगाकर 1000 या 2000 आदमियों को इकट्ठा करके किसी एक विषय पर बोलना यह आधुनिक शैली है