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Thursday, 13 July 2017

Nahi Chahiye | Nahi Chahiye


✅   नहीं चाहिए । नही चाहिए  ✅

▶ जीव उस सत चित आनंद का अंश है । जीव में भी शक्ति है सामर्थ्य है । वह यदि चाहे तो बहुत कुछ कर सकता है ।

▶ चांद पर भी पहुंच गया । समुद्र के अंदर भी होटल बना लिए । बात केवल यहीं तक है की उसको समझ आना चाहिए ।

▶ और सबसे बड़ी बात दासाभास को समझने की यह है की जीव श्रीकृष्ण का दास है । प्रिया लाल की चरण सेवा ही उस का मुख्य उद्देश्य है । उसी में ही उसको परम शांति सुख आनंद प्राप्त होगा ।

▶ जब यह बात उसके समझ में आ जाए तभी वह कृष्ण को परम धन मान कर उनके चरण सेवा प्राप्ति हेतु भजन में लगेगा ।

▶ अन्यथा तो भजन एक दैनिक प्रक्रिया है । 10 20 मिनट्स आधा घंटा किया और राधे-राधे

▶ जिसे यह समझ आ जाएगी कि श्री कृष्ण भजन ही हमारा मुख्य कार्य है  । इसी के लिए हम आये हैं , तब वह दासाभास भजन को ही चाहेगा और भजन के अतिरिक्त किसी वस्तु को नहीं चाहेगा ।

▶ जैसे किसी के पास परम धन हो या कोई श्रेष्ठ चीज हो तो वह सामान्य वस्तु के लिए नहीं नहीं करता रहता है ।