Showing posts with label आलिंगन. Show all posts
Showing posts with label आलिंगन. Show all posts

Wednesday, 3 August 2016

अतरंग दर्शन या चित्र

🌹 अतरंग दर्शन या चित्र 🌹

प्रिया प्रियतम की अनेक अंतरंग लीलाएं हैं । रास है विलास है । निकुंज की लीलाएं हैं । निभृत निकुंज की रसमई अत्यंत मधुर लीलाएं हैं ।

🔴 मिलन है आलिंगन है आदि आदि बहुत प्रकार की लीलाएं हैं । लेकिन यह लीलाएं अंतरंग है ।

🍎और इन लीलाओं में हम जैसे जनसामान्य का अधिकार नहीं है । बहुत अनुकूल तो नहीं लेकिन फिर भी एक उदाहरण से समझते हैं